कल प्रधानमंत्री और आज वित्त मंत्री का देश के नाम संबोधन।कई सवाल भी उठ रहे ये रुपए तो सरकार खर्च करेंगे लेकिन आएंगे कहा से?किस किस क्षेत्र को कितना रुपया मिलेगा?क्या जो बाते इतनी आसानी से कह दी गई,उसका उतना ही आसानी से जमीनी स्तर पर कार्य होगा?
मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपना प्लान लोगो के समक्ष रख दिया है।अब देखना होगा कि क्या जिस तरीके से गुजरात के कच्छ में आए भूकंप के बाद,स्तिथि सामान्य हो गई थी।उसी प्रकार से इस महामारी के बाद स्तिथि बेहतर होगी?
भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस।बीते रात को प्रधानमंत्री के बीस लाख करोड़ के आर्थिक सहायता का ऐलान किया था।आज वित्त मंत्री ने एमएसएमई, टैक्स, जीएसटी और बिजली कंपनी के संदर्भ में लगभग छः लाख करोड़ की बात को सांझा किया है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अन्तर्गत लगभग 1.70 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है।जिसमें गरीब परिवारों को पांच किलो गेहूं या चावल और एक किलो दाल अगले तीन महीने दिया जाएगा।उज्ज्वला गैस योजना से जुड़े लोगों को मुफ्त में भोजन ईधन को भी वितरित किया जा रहा।इसी प्रकार से सरकार हरसंभव प्रयास कर रही कि कोई भी व्यक्ति भूख से न मरे।
व्यापार के क्षेत्र में टैक्स से लेकर उद्योग जगत को फिर से खड़ा करने के लिए लगभग तीन लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है।जिसमें लघु,सूक्ष्म,मझले और कुटीर उद्योग के लिए बिना किसी प्रूफ के चार साल के लिए ऋण दिया जाएगा।इसी प्रकार से अलग अलग एमएसएमई सेक्टर में छूट दी गई है।
एमएसएमई सेक्टर यानी कि माइक्रो,स्माल एंड मीडियम एंटरप्रेन्योर की परिभाषा को बदल दिया गया है,जिससे टूटे हुए उद्योगों को खड़ा और मरे हुए को जिंदा किया का सके।ये पैकेज एक तरीके से सांस का कामकर रहा है।इसमें व्यापारियों के टर्नओवर और इन्वेस्टमेंट के अनुसार उनको स्माल,माइक्रो के सूची में रखा गया है।हालांकि वित्त मंत्री ने उदाहरण के तौर पर बताया कि अगर किसी का व्यापार एक करोड़ का इन्वेस्टमेंट और लगभग पांच करोड़ का टर्नओवर करता है,जो कि पहले पच्चीस लाख का करता था।
उसे उसी सूची में रखा जाएगा जिसमे वो था,जिससे की वो उन सभी छूट का लाभ उठा सके।
उसे उसी सूची में रखा जाएगा जिसमे वो था,जिससे की वो उन सभी छूट का लाभ उठा सके।
टैक्स को जमा करने की सीमा को बढ़ा दिया गया है।
लगभग तीन से छः महीने तक आवश्यकता अनुसार रियायत दी गई है।रिजर्व बैंक ने भी कैश रिजर्व रेशियो को घटा दिया है जिससे लगभग 1.37 लाख करोड़ रुपए बाजार में आने की संभावना है।
लगभग तीन से छः महीने तक आवश्यकता अनुसार रियायत दी गई है।रिजर्व बैंक ने भी कैश रिजर्व रेशियो को घटा दिया है जिससे लगभग 1.37 लाख करोड़ रुपए बाजार में आने की संभावना है।
लगभग 2500 करोड़ का व्यापार उद्योग में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए लाया गया है।जिसमे की लगभग 12% सरकार उनके अगले तीन महीने की ईपीएफ देगी।ये पहले मार्च, अप्रैल और मई के लिए था जिसको बढ़ाकर जून, जुलाई और अगस्त कर दिया गया है।इससे लगभग 72.22 लाख कर्मचारियों के लाभान्वित होने की संभावना है।
डिस्कॉम कंपनियों को लगभग नब्बे हजार करोड़ रुपए दिए जा रहे।ये बिजली विभाग की कंपनियां है।जो कि लॉक डाउन के कारण रुपयों की कमी झेल रही हैं।भारत सरकार के सहायता से भरपूर बिजली आपूर्ति होगी,नतीजतन सभी को गर्मी में राहत होगी।इसके साथ ही कॉन्ट्रैक्टर जो कि रोड निर्माण ,रेलवे निर्माण में लगे है उनको भी समय में छः महीने का छूट दिया जा रहा,जिससे की उनपर काम का ज्यादा दबाव और रुपयों का अभाव न होने पाए।
वित्त मंत्री ने कहा है कि इसी प्रकार से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वो अगले तीन चार रोज में सभी वर्गो में वितरित किए जाने वाले बीस लाख करोड़ का खांका देश के सामने रखेंगे।हालांकि सरकार ने पूरी तरीके से अपना प्लान तैयार कर लिया है,अब देखना होगा कि ये जमीनी स्तर पर कितना उतरता है।
आकंडे वित्त मंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस से लिए गए है।
आकंडे वित्त मंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस से लिए गए है।













