भारत ने विश्व को शून्य दिया,योग दिया,अब एक बार फिर समस्त मानव कल्याण के लिए,कोरोनिल दिया,ये है आयुर्वेद की ताकत और भारत की संस्कृति।
पतंजलि योगपीठ ने वो काम कर दिखाया,जिसका इंतजार पूरा विश्व कर रहा था।वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ आयुर्वेदिक दवा को बना,विश्व में एक नया इतिहास रचा गया।श्रद्धेय स्वामी रामदेव,आचार्य बालकृष्ण के साथ जयपुर से महानिदेशक डॉ बलवीर सिंह तोमर,दीपक,अभिषेक समेत कई वैज्ञानिकों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कोरोनिल नाम से किट बनाई गई है जिसमें तीन अलग अलग दवाएं है।सांस के लिए ड्रॉप बनाया गया है,जिससे कि श्वसन तंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को रोका जा सके।उसके बाद इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए गोलियां हैं।एक दवा और बनाई गई है,जिससे श्वास लेने में,ऑक्सीजन की कमी को रोका जा सके,और श्वास की प्रक्रिया में कोई परेशानी न हो।
बताया जा रहा कि,निम्स यानी कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और सीआईटीआर यानी सेंटर इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेनिंग एंड रिसर्च से अप्रूवल लेने के बाद इसपर कार्य किया गया।स्वामी रामदेव ने ये भी बताए कि एविडेंस बेज्ड ट्रायल के साथ - साथ क्लीनिकल ट्रायल भी किया गया।जिसमें 95 लोगों पर ट्रायल करने के बाद लगभग 70 प्रतिशत रिकवरी तीन दिनों में हो गई।वहीं अगले सात दिनों में 100 प्रतिशत रिकवरी हुई।इसके कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है।
बताया जा रहा कि अभी ये बाज़ार में या किसी मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध नहीं होगा।बल्कि आगामी सोमवार को ऑर्डर मी नाम से लॉन्च एप के जरिए पूरे देश में लोगों के घरों तक पहुंचाया जाएगा।आने वाले समय में इसे विश्व भर में भी भेजा जाएगा,जिससे समस्त विश्व का मानव कल्याण हो सके।
भारत ही नहीं पूरा विश्व पतंजलि संस्थान का ऋणी है।जिन्होंने हमारे पुरातन विद्या व आयुर्वेद के मदद से विश्व कल्याण के लिए,इतने कम समय में,बिना किसी साइड इफेक्ट के,दवा को बनाया।बड़े बड़े वैज्ञानिक और संस्थान दावा कर रहे थे,6-7 महीने लग सकते है,लेकिन हमने वो कर दिखाया,जिसका सभी को उम्मीद न थी।ये हम सभी के आत्मनिर्भर से कम नहीं है।





Good step in direction of service.but still some issue with coronil after approval by Aayush and icmr maybe coronil launched by july
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