"पेट - पीठ मिलकर है एक, चल रहा लकुटिया टेक।
मुठ्ठी भर दाने को,भूख मिटाने को...।"
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने उस समय के दर्दनाक दृश्य का चित्रांकन किया है...।
मुठ्ठी भर दाने को,भूख मिटाने को...।"
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने उस समय के दर्दनाक दृश्य का चित्रांकन किया है...।
सोचिए क्या... आज भी स्तिथि वैसी ही है?कितना सटीक बैठता है न...भिक्षुक कविता...दर्द, मजबूरी, भूख, से कराह रहे,प्रवासियों की स्तिथि पर।भारत की रीढ़ की हड्डी कहा जाने वाले,खुद के बुनियादी ढांचे को नहीं बचा पा रहे....।
वे भी यही कहते होंगे...क्या दिन देखने को मिल रहा?... लोगों का पेट भरने वाले,आज खुद भूखे है...
"दर्दनाक"...।
"दर्दनाक"...।
कहा जाता है किसी से ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए...नहीं तो वैसा न होने पर दुःख होता है।
वैसे ही हुआ आज के प्रेस कांफ्रेंस में...।
उम्मीद थी,चिलचिलाती धूप में,महामारी के खतरों के डर में,मीडिया कर्मी अपने नौकरी को बचाने के लिए,सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए लगे है...मिला क्या कुछ भी नहीं।
वैसे ही हुआ आज के प्रेस कांफ्रेंस में...।
उम्मीद थी,चिलचिलाती धूप में,महामारी के खतरों के डर में,मीडिया कर्मी अपने नौकरी को बचाने के लिए,सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए लगे है...मिला क्या कुछ भी नहीं।
वीडियो डीडी न्यूज से लिया गया...अवश्य देखे।
आज तो पहली बार देखा जब वित्तमंत्री,एक मीडिया कर्मी के द्वारा कांग्रेस के वक्तव्य से जुड़े, पूछे गए सवालों पर झल्ला उठी...।उन्होंने पूरे आक्रोश में जवाब दिया कि केंद्र और राज्य सरकार पूरे समन्वय से काम कर रही।इतना ही है तो क्यो नहीं कांग्रेस अपने राज्यो में संक्रमण रोक देती।उन्होंने राहुल को भी लपेटते हुए कहा कि मजदूरों की मदद करने के बजाय उनका समय बर्बाद किया जा रहा।अंततः उन्होंने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से निवेदन किया कि उन्हें इस समय राजनीति नहीं करनी चाहिए,बल्कि लोगो और सरकार का साथ देना चाहिए।
आज के अपने पंचदिवसिया प्रेस कांफ्रेंस के अंतिम दिन,प्रधानमंत्री के द्वारा जन संबोधन में 20 लाख करोड़ का पूरा ब्योरा सामने रखा।पिछले 4 दिन के बाद आज स्वास्थ्य,शिक्षा,ईज ऑफ डूइंग बिजनेस,
मनरेगा,सार्वजनिक क्षेत्र में निजीकरण की भी व्यवस्था की जाएगी,राज्यो के साथ समन्वय व भुगतान जैसे मुद्दों पर बातकी।
मनरेगा,सार्वजनिक क्षेत्र में निजीकरण की भी व्यवस्था की जाएगी,राज्यो के साथ समन्वय व भुगतान जैसे मुद्दों पर बातकी।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपना सर्वस्व दे रहे हमारे वॉरियर्स के लिए 15000 करोड़ रुपए दिए गए हैं।जिसमें से
4113 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है,3750 करोड़ के स्वस्थ संबंधी सामग्री के लिए,550 करोड़ टेस्टिंग किट के संदर्भ में वितरित किए गए हैं।
4113 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है,3750 करोड़ के स्वस्थ संबंधी सामग्री के लिए,550 करोड़ टेस्टिंग किट के संदर्भ में वितरित किए गए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में मानव संसाधन मंत्रालय से समन्वय कर "स्वयं प्रभा" चैनल को चलाया गया जिससे
कि फ्री डी2 एच और एयरटेल नेटवर्क से बच्चे पढ़
सके।एक नया "दीक्षा" प्लेटफॉर्म लाया गया है जिसने 12 और नए चैनल के माध्यम से 200 कोर्स को चलाया जाएगा,जिससे बच्चों को उनकी पढ़ाई में कोई परेशानी न हो।टॉप 100 विश्वविद्यालयों को भी ऑनलाइन कोर्स शुरू करने के लिए कहा गया है।
कि फ्री डी2 एच और एयरटेल नेटवर्क से बच्चे पढ़
सके।एक नया "दीक्षा" प्लेटफॉर्म लाया गया है जिसने 12 और नए चैनल के माध्यम से 200 कोर्स को चलाया जाएगा,जिससे बच्चों को उनकी पढ़ाई में कोई परेशानी न हो।टॉप 100 विश्वविद्यालयों को भी ऑनलाइन कोर्स शुरू करने के लिए कहा गया है।
मनरेगा के लिए जो मजदूर और श्रमिक अपने गांव गए है उनको वहां काम मिल सके,इसके लिए 40000 करोड़ दिए गए है।सार्वजनिक विभागों को भी निजीकरण किया जाएगा।जिससे कि ज्यादा से ज्यादा कार्य हो सके।कंपनियों को सहायता की जाएगी,ताकि वे अपना शेयर खरीद सके।राज्य के साथ भी समन्वय किया जा रहा।राज्यो को अधिकार दिया गया कि वे ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट के अन्तर्गत 75% फंड ले सके,बावजूद इसके केवल 14% ही धन राज्यो ने लिए।राज्यो के मदद के लिए उनके उधार को 3% से 5% किया गया है।
बहुत से सवाल है,जो अभी भी निरुत्तर है।सरकार उसका जवाब या तो देना नहीं चाहती या फिर घुमावदार बात कर रही।20 लाख करोड़ में बनेगा...आत्मनिर्भर भारत।
रुपए भी न हो जाए कहीं हज़म...।उम्मीदों की राह में बीत जाए न कई जन्म...।अब तो लोगों को विश्वास होना चाहिए
चेहरे बदलते है चरित्र नहीं...।
आकंडे वित्तमंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस से लिए गए।
आकंडे वित्तमंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस से लिए गए।






